Correct Answer:
Option A - वाटर कूलिंग सिस्टम में सिलेण्डर के चारो तरफ वाटर जैकेट बने होते है।
पावर स्ट्रोक के दौरान जब सिलेण्डर में फायरिंग होती है, तब अपार मात्रा में ऊष्मा निकलती है, इस ऊष्मा से इंजन सिलेण्डर का तापमान बढ़ जाता है। क्योंकि इंजन में यही प्रक्रिया प्रत्येक साइकिल में होती है, अत: एक ऐसी स्थिति आएगी की सिलिण्डर का तापमान बढ़कर सिलिण्डर के पदार्थ के गलन बिन्दु तक पहुँच जाएगा, इससे बचने के लिए सिलेण्डर के चारों ओर वाटर जैकेट बनाए जाते है तथा इस जैकेट से होते हुए पानी को लगातार प्रवाहित कराया जाता है। इस कारण सिलिण्डर का तापमान बढ़ने नहीं पाता है।
A. वाटर कूलिंग सिस्टम में सिलेण्डर के चारो तरफ वाटर जैकेट बने होते है।
पावर स्ट्रोक के दौरान जब सिलेण्डर में फायरिंग होती है, तब अपार मात्रा में ऊष्मा निकलती है, इस ऊष्मा से इंजन सिलेण्डर का तापमान बढ़ जाता है। क्योंकि इंजन में यही प्रक्रिया प्रत्येक साइकिल में होती है, अत: एक ऐसी स्थिति आएगी की सिलिण्डर का तापमान बढ़कर सिलिण्डर के पदार्थ के गलन बिन्दु तक पहुँच जाएगा, इससे बचने के लिए सिलेण्डर के चारों ओर वाटर जैकेट बनाए जाते है तथा इस जैकेट से होते हुए पानी को लगातार प्रवाहित कराया जाता है। इस कारण सिलिण्डर का तापमान बढ़ने नहीं पाता है।