Correct Answer:
Option A - ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ इति चित्रग्रीव: कपोतान् कथयति अर्थात् ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ यह कथन चित्रग्रीव का कपोतों से है, जब बहेलिये द्वारा कबूतरों को छला जा रहा था उसी समय चित्रग्रीव कपोतों को समझाता हुआ कहता है कि - बिना विचार किये कार्य को नहीं करना चाहिए।
A. ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ इति चित्रग्रीव: कपोतान् कथयति अर्थात् ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ यह कथन चित्रग्रीव का कपोतों से है, जब बहेलिये द्वारा कबूतरों को छला जा रहा था उसी समय चित्रग्रीव कपोतों को समझाता हुआ कहता है कि - बिना विचार किये कार्य को नहीं करना चाहिए।