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Q: ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ इति क: कम् कथयति?
  • A. चित्रग्रीव: कपोतान्
  • B. व्याध: मूषकम्
  • C. मूषक: चित्रग्रीवम्
  • D. कपोत: मूषकम्
Correct Answer: Option A - ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ इति चित्रग्रीव: कपोतान् कथयति अर्थात् ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ यह कथन चित्रग्रीव का कपोतों से है, जब बहेलिये द्वारा कबूतरों को छला जा रहा था उसी समय चित्रग्रीव कपोतों को समझाता हुआ कहता है कि - बिना विचार किये कार्य को नहीं करना चाहिए।
A. ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ इति चित्रग्रीव: कपोतान् कथयति अर्थात् ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ यह कथन चित्रग्रीव का कपोतों से है, जब बहेलिये द्वारा कबूतरों को छला जा रहा था उसी समय चित्रग्रीव कपोतों को समझाता हुआ कहता है कि - बिना विचार किये कार्य को नहीं करना चाहिए।

Explanations:

‘सहसा क्रियां न विदधीत’ इति चित्रग्रीव: कपोतान् कथयति अर्थात् ‘सहसा क्रियां न विदधीत’ यह कथन चित्रग्रीव का कपोतों से है, जब बहेलिये द्वारा कबूतरों को छला जा रहा था उसी समय चित्रग्रीव कपोतों को समझाता हुआ कहता है कि - बिना विचार किये कार्य को नहीं करना चाहिए।