Correct Answer:
Option D - अन्तर्राष्ट्रीय तरलता की समस्या का हल करने के लिए IMF के दस प्रमुख सदस्यों ने 1967 में एक नई मौद्रिक योजना प्रस्तुत की जिसे विशेष आहरण अधिकार (SDRs) नाम दिया गया। SDRs को दिसम्बर 1971 से लागू कर दिया गया। इस नई मौद्रिक योजना के अंतर्गत IMF को एक निश्चित आधार पर सदस्य देशों को SDRs प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया। इस सुविधा के अंतर्गत जिस सदस्य देश को SDRs का अधिकार दिया जाता है वह अन्य सदस्य देश से निश्चित मुद्रा प्राप्त कर सकता है।
SDRs (विशेष आहरण अधिकार) बही-खाता प्रविष्टि के रूप में होती है।
D. अन्तर्राष्ट्रीय तरलता की समस्या का हल करने के लिए IMF के दस प्रमुख सदस्यों ने 1967 में एक नई मौद्रिक योजना प्रस्तुत की जिसे विशेष आहरण अधिकार (SDRs) नाम दिया गया। SDRs को दिसम्बर 1971 से लागू कर दिया गया। इस नई मौद्रिक योजना के अंतर्गत IMF को एक निश्चित आधार पर सदस्य देशों को SDRs प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया। इस सुविधा के अंतर्गत जिस सदस्य देश को SDRs का अधिकार दिया जाता है वह अन्य सदस्य देश से निश्चित मुद्रा प्राप्त कर सकता है।
SDRs (विशेष आहरण अधिकार) बही-खाता प्रविष्टि के रूप में होती है।