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Q: Devaluation of currency will be more beneficial if prices of मुद्रा-अवमूल्यन अधिक हितकारी होगा, यदि
  • A. domestic goods remain constant/घरेलू सामान के मूल्य स्थिर रहें
  • B. exports become costly to importers/आयातकों के लिए निर्यात के मूल्य महंगे हो जाएँ
  • C. imports remain constant/आयात के मूल्य स्थिर रहें
  • D. exports rise proportionately/निर्यात के मूल्य समानुपाती रूप से बढ़े
Correct Answer: Option B - जब कोई देश अपनी मुद्रा के विनिमय की अधिकृत दरों में अन्य देशों की मुद्राओं के सापेक्ष कमी करता है, तो वह मुद्रा का अवमूल्यन कहलाता है। मुद्रा अवमूल्यन से उस देश का आयात महंगा और उसका निर्यात सस्ता हो जाता है। निर्यात सस्ता होने से वस्तुओं की मांग अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ जाती है, इससे निर्यात में वृद्धि होती है। अर्थात् मुद्रा अवमूल्यन अधिक हितकारी होगा। यदि आयातकों के लिए निर्यात के मूल्य मंहगे हो जाये।
B. जब कोई देश अपनी मुद्रा के विनिमय की अधिकृत दरों में अन्य देशों की मुद्राओं के सापेक्ष कमी करता है, तो वह मुद्रा का अवमूल्यन कहलाता है। मुद्रा अवमूल्यन से उस देश का आयात महंगा और उसका निर्यात सस्ता हो जाता है। निर्यात सस्ता होने से वस्तुओं की मांग अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ जाती है, इससे निर्यात में वृद्धि होती है। अर्थात् मुद्रा अवमूल्यन अधिक हितकारी होगा। यदि आयातकों के लिए निर्यात के मूल्य मंहगे हो जाये।

Explanations:

जब कोई देश अपनी मुद्रा के विनिमय की अधिकृत दरों में अन्य देशों की मुद्राओं के सापेक्ष कमी करता है, तो वह मुद्रा का अवमूल्यन कहलाता है। मुद्रा अवमूल्यन से उस देश का आयात महंगा और उसका निर्यात सस्ता हो जाता है। निर्यात सस्ता होने से वस्तुओं की मांग अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ जाती है, इससे निर्यात में वृद्धि होती है। अर्थात् मुद्रा अवमूल्यन अधिक हितकारी होगा। यदि आयातकों के लिए निर्यात के मूल्य मंहगे हो जाये।