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Q: निम्नलिखित में से किस प्रकार के जीव में स्वपोषी पोषण पाया जाता है?
  • A. कवक
  • B. विषाणु
  • C. प्रोटोजोआ
  • D. जीवाणु
Correct Answer: Option D - शब्द स्वपोषी (ऑटोट्राफिक) दो शब्दों के संयोजन से बनता है ‘एक यूटो’ का अर्थ है स्व और ‘ट्रॉफिक’ जिसका अर्थ है पोषण। इस शब्द का शाब्दिक अर्थ आत्म-पोषण है। ऑटोट्राफिक जीवो में एक हरे रंग का वर्णक होता है जिसे क्लोरोफिल कहा जाता है जो सूर्य से ऊर्जा लाने में मदद करता है। सभी हरे पौधों में एक ऑटोट्राफिक मोड़ होता है। ये प्रकाश संश्लेषण क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोेग करके अपना भोजन बनाते है, इससे ग्लूकोज का निर्माण होता है। नीले हरे शैवाल और साइनोबैक्टीरिया जैसे बैक्टीरिया ऑटोट्रोफ के उदाहरण हैं।
D. शब्द स्वपोषी (ऑटोट्राफिक) दो शब्दों के संयोजन से बनता है ‘एक यूटो’ का अर्थ है स्व और ‘ट्रॉफिक’ जिसका अर्थ है पोषण। इस शब्द का शाब्दिक अर्थ आत्म-पोषण है। ऑटोट्राफिक जीवो में एक हरे रंग का वर्णक होता है जिसे क्लोरोफिल कहा जाता है जो सूर्य से ऊर्जा लाने में मदद करता है। सभी हरे पौधों में एक ऑटोट्राफिक मोड़ होता है। ये प्रकाश संश्लेषण क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोेग करके अपना भोजन बनाते है, इससे ग्लूकोज का निर्माण होता है। नीले हरे शैवाल और साइनोबैक्टीरिया जैसे बैक्टीरिया ऑटोट्रोफ के उदाहरण हैं।

Explanations:

शब्द स्वपोषी (ऑटोट्राफिक) दो शब्दों के संयोजन से बनता है ‘एक यूटो’ का अर्थ है स्व और ‘ट्रॉफिक’ जिसका अर्थ है पोषण। इस शब्द का शाब्दिक अर्थ आत्म-पोषण है। ऑटोट्राफिक जीवो में एक हरे रंग का वर्णक होता है जिसे क्लोरोफिल कहा जाता है जो सूर्य से ऊर्जा लाने में मदद करता है। सभी हरे पौधों में एक ऑटोट्राफिक मोड़ होता है। ये प्रकाश संश्लेषण क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोेग करके अपना भोजन बनाते है, इससे ग्लूकोज का निर्माण होता है। नीले हरे शैवाल और साइनोबैक्टीरिया जैसे बैक्टीरिया ऑटोट्रोफ के उदाहरण हैं।