Correct Answer:
Option D - • विनोद बिहारी मुखर्जी ने अंधे होने के बावजूद भी अपना काम जारी रखा।
• 1957 ई. में विनोद बिहारी के नेत्रों की शल्य चिकित्सा हुई जिसमें मुखर्जी अपने नेत्रों की ज्योति खो बैठे।
• विनोद बिहारी बाल्यकाल से नेत्र रोग से पीडि़त रहे, किन्तु अपने आत्मविश्वास से ही मुखर्जी ने विद्याध्ययन और कला उपासना पूर्ण की।
• मुखर्जी को शांतिनिकेतन में अवनीन्द्रनाथ, गगनेन्द्रनाथ एवं नंदलाल बोस के चित्रों ने एवं उनकी चित्रण प्रणाली ने प्रभावित किया।
• विनोद बिहारी मुखर्जी ने भित्ति चित्रों में ख्याति अर्जित की।
• जया अप्पास्वामी ने विनोद बिहारी को भारतीय कला से आधुनिक कला का सेतुबंधु माना है।
D. • विनोद बिहारी मुखर्जी ने अंधे होने के बावजूद भी अपना काम जारी रखा।
• 1957 ई. में विनोद बिहारी के नेत्रों की शल्य चिकित्सा हुई जिसमें मुखर्जी अपने नेत्रों की ज्योति खो बैठे।
• विनोद बिहारी बाल्यकाल से नेत्र रोग से पीडि़त रहे, किन्तु अपने आत्मविश्वास से ही मुखर्जी ने विद्याध्ययन और कला उपासना पूर्ण की।
• मुखर्जी को शांतिनिकेतन में अवनीन्द्रनाथ, गगनेन्द्रनाथ एवं नंदलाल बोस के चित्रों ने एवं उनकी चित्रण प्रणाली ने प्रभावित किया।
• विनोद बिहारी मुखर्जी ने भित्ति चित्रों में ख्याति अर्जित की।
• जया अप्पास्वामी ने विनोद बिहारी को भारतीय कला से आधुनिक कला का सेतुबंधु माना है।