Explanations:
दो स्ट्रोक इंजन में पोर्ट सिलिण्डर की दीवारों में लगे होते हैं। एक इनलेट पोर्ट और एक आउटलेट पोर्ट तथा एक ट्रांसफर पोर्ट होता है। इन इंजनों में प्राय: इंजन चलाने के चक्र के चारों स्ट्रोक पिस्टन के दो ही स्ट्रोकों में पूरे हो जाते है। इस प्रकार के इंजनों में ईधन दहन का समय कम होता है, जबकि प्रति हार्स पावर ईधन खपत अधिक होती है।