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Q: ‘एक बूँद सहसा उछली’ यात्रा वृत्तांत के लेखक हैं
  • A. भगवतशरण उपाध्याय
  • B. सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’
  • C. यशपाल जैन
  • D. धर्मवीर भारती
Correct Answer: Option B - व्याख्या- ‘एक बूँद सहसा उछली’ यात्रा वृतांत के लेखक सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं। यह इनकी विदेश यात्रा संबंधी यात्रावृत्त है। अज्ञेय कृत ‘अरे यायावर रहेगा याद’ स्वदेश यात्रा संबंधी यात्रावृत्त है। इसमें असम से लेकर पश्चिमी सीमा प्रांत तक का यात्रा वर्णन है। जबकि ‘वह दुनिया में’ तथा कलकत्ता से पेविंâग भगवतशरण उपाध्याय का यात्रा साहित्य है तथा ‘रूस के छियालीस दिन’ यशपाल जैन का यात्रा साहित्य है तथा यादें यूरोप की, यात्रा चक्र, तथा ठेले पर हिमालय धर्मवीर भारती की यात्रा साहित्य है।
B. व्याख्या- ‘एक बूँद सहसा उछली’ यात्रा वृतांत के लेखक सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं। यह इनकी विदेश यात्रा संबंधी यात्रावृत्त है। अज्ञेय कृत ‘अरे यायावर रहेगा याद’ स्वदेश यात्रा संबंधी यात्रावृत्त है। इसमें असम से लेकर पश्चिमी सीमा प्रांत तक का यात्रा वर्णन है। जबकि ‘वह दुनिया में’ तथा कलकत्ता से पेविंâग भगवतशरण उपाध्याय का यात्रा साहित्य है तथा ‘रूस के छियालीस दिन’ यशपाल जैन का यात्रा साहित्य है तथा यादें यूरोप की, यात्रा चक्र, तथा ठेले पर हिमालय धर्मवीर भारती की यात्रा साहित्य है।

Explanations:

व्याख्या- ‘एक बूँद सहसा उछली’ यात्रा वृतांत के लेखक सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ हैं। यह इनकी विदेश यात्रा संबंधी यात्रावृत्त है। अज्ञेय कृत ‘अरे यायावर रहेगा याद’ स्वदेश यात्रा संबंधी यात्रावृत्त है। इसमें असम से लेकर पश्चिमी सीमा प्रांत तक का यात्रा वर्णन है। जबकि ‘वह दुनिया में’ तथा कलकत्ता से पेविंâग भगवतशरण उपाध्याय का यात्रा साहित्य है तथा ‘रूस के छियालीस दिन’ यशपाल जैन का यात्रा साहित्य है तथा यादें यूरोप की, यात्रा चक्र, तथा ठेले पर हिमालय धर्मवीर भारती की यात्रा साहित्य है।