Explanations:
विकास का संवेगात्मक क्षेत्र स्व-नियमन प्रदर्शन, भावनाओं को समझने और दर्शाने से संबंधित पहलुओं की बात करता है। संवेगात्मक विकास के अन्तर्गत शारीरिक व मानसिक पक्षों का समावेश होता है। इस सिद्धान्त के अन्तर्गत प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक वाटसन ने अपने प्रायोगिक अध्ययनों से स्पष्ट किया है कि जन्म के समय शिशुओं में भय, क्रोध एवं प्रेम नामक तीन मौलिक संवेग पाए जाते हैं।