Correct Answer:
Option B - बिजली के झटके के खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उपकरण भूसंपर्कन करना आवश्यक है। विद्युत उपकरण के धारा वहन न करने वाले भागों को भू-सम्पर्कित किया जाना आवश्यक है, इसके द्वारा उपकरण में प्रदोष की स्थिति में क्षरण धारा निम्न प्रतिरोध पाथ अर्थात् भू में विसर्जित हो जाती है जिससे वहाँ पर कार्य करने वाले व्यक्ति को विद्युत झटके का अनुभव नहीं होता है।
भू-सम्पर्कन जिस संस्थान के लिये किया जा रहा हो वह उससे कम से कम 1.5 मीटर की दूरी पर होना चाहिये।
भू-सम्पर्कन के लिए भू-तार एवं भू-इलेक्ट्रोड एक ही पदार्थ के होने चाहिये।
भू-इलेक्ट्रोड को जमीन के अन्दर इस प्रकार उध्र्वाधर स्थापित करना चाहिये कि उसका भूमि की विभिन्न समूहों से सम्पर्क हो।
B. बिजली के झटके के खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उपकरण भूसंपर्कन करना आवश्यक है। विद्युत उपकरण के धारा वहन न करने वाले भागों को भू-सम्पर्कित किया जाना आवश्यक है, इसके द्वारा उपकरण में प्रदोष की स्थिति में क्षरण धारा निम्न प्रतिरोध पाथ अर्थात् भू में विसर्जित हो जाती है जिससे वहाँ पर कार्य करने वाले व्यक्ति को विद्युत झटके का अनुभव नहीं होता है।
भू-सम्पर्कन जिस संस्थान के लिये किया जा रहा हो वह उससे कम से कम 1.5 मीटर की दूरी पर होना चाहिये।
भू-सम्पर्कन के लिए भू-तार एवं भू-इलेक्ट्रोड एक ही पदार्थ के होने चाहिये।
भू-इलेक्ट्रोड को जमीन के अन्दर इस प्रकार उध्र्वाधर स्थापित करना चाहिये कि उसका भूमि की विभिन्न समूहों से सम्पर्क हो।