Correct Answer:
Option A - भवन निर्माण में लगी लकड़ी जैसे कडि़याँ दरवाजे, खिड़कियाँ, फर्नीचर व अन्य लकड़ी का सामान तेजी से खराब होने लगता है। दीमक से बचने के लिये भवन में दीमकरोधी उपचार किया जाता है। यह दो चरणों में होता है।
(i) निर्माण पूर्व उपचार।
(ii) पश्च निर्माण उपचार
■ दीमकरोधी बनाने के लिए निर्माण में डी.डी.टी., डाइल्ड्रिन एल्ड्रिन, बोरिक एसिड आदि रसायनों का प्रयोग किया जाता है।
A. भवन निर्माण में लगी लकड़ी जैसे कडि़याँ दरवाजे, खिड़कियाँ, फर्नीचर व अन्य लकड़ी का सामान तेजी से खराब होने लगता है। दीमक से बचने के लिये भवन में दीमकरोधी उपचार किया जाता है। यह दो चरणों में होता है।
(i) निर्माण पूर्व उपचार।
(ii) पश्च निर्माण उपचार
■ दीमकरोधी बनाने के लिए निर्माण में डी.डी.टी., डाइल्ड्रिन एल्ड्रिन, बोरिक एसिड आदि रसायनों का प्रयोग किया जाता है।