Correct Answer:
Option A - गोवा, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली पर पुर्तगालियों का शासन भारत के स्वतन्त्रता पश्चात् 1961 ई. तक बना रहा। इन क्षेत्रों को पुर्तगालियों से मुक्त कराने हेतु भारत को स्वतन्त्रता संघर्ष जारी रखना पड़ा। अन्तत: 19 दिसम्बर, 1961 को गोवा, दमन व दीव, दादरा एवं नगर हवेली को पुर्तगालियों से मुक्त करा लिया गया। गोवा, दमन व दीव, दादरा एवं नगर हवेली को केन्द्र शासित राज्य बना दिया गया। 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया गया। 26 जनवरी, 2020 को दमन दीव एवं दादरा नगर हवेली का विलय करके एक संघ राज्य क्षेत्र बना दिया गया है, अब इसकी राजधानी दमन है। पाण्डिचेरी तथा चन्द्रनगर पर फ्रांसीसियों का शासन था। जून 1949 ई. को फ्रांसीसियों ने चन्द्रनगर का शासन भारत सरकार को सौंप दिया तथा अक्टूबर 1954 ई. को पश्चिम बंगाल राज्य के साथ विलय कर दिया गया। नवम्बर 1954 ई. में फ्रांसीसियों और भारत सरकार के साथ संधि वार्ता के बाद पाण्डिचेरी को स्वतंत्र भारत के साथ एकीकृत कर दिया गया।
A. गोवा, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली पर पुर्तगालियों का शासन भारत के स्वतन्त्रता पश्चात् 1961 ई. तक बना रहा। इन क्षेत्रों को पुर्तगालियों से मुक्त कराने हेतु भारत को स्वतन्त्रता संघर्ष जारी रखना पड़ा। अन्तत: 19 दिसम्बर, 1961 को गोवा, दमन व दीव, दादरा एवं नगर हवेली को पुर्तगालियों से मुक्त करा लिया गया। गोवा, दमन व दीव, दादरा एवं नगर हवेली को केन्द्र शासित राज्य बना दिया गया। 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया गया। 26 जनवरी, 2020 को दमन दीव एवं दादरा नगर हवेली का विलय करके एक संघ राज्य क्षेत्र बना दिया गया है, अब इसकी राजधानी दमन है। पाण्डिचेरी तथा चन्द्रनगर पर फ्रांसीसियों का शासन था। जून 1949 ई. को फ्रांसीसियों ने चन्द्रनगर का शासन भारत सरकार को सौंप दिया तथा अक्टूबर 1954 ई. को पश्चिम बंगाल राज्य के साथ विलय कर दिया गया। नवम्बर 1954 ई. में फ्रांसीसियों और भारत सरकार के साथ संधि वार्ता के बाद पाण्डिचेरी को स्वतंत्र भारत के साथ एकीकृत कर दिया गया।