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Q: The type of placenta found in human beings is of type : मानव में पाये जाने वाले अपरा का प्रकार है :
  • A. Diffuse/विसरित
  • B. Zonary/वलय
  • C. Cotyledonary/दलीय
  • D. Discoidal/विम्वाभ
Correct Answer: Option D - मानव में पाये जाने वाले अपरा (placenta) विम्बाभ (Dicoidal) प्रकार के होते है। प्लैसेन्टा भ्रूण का मादा गर्भाशय की भित्ति के साथ वह अस्थायी सम्बन्ध है जिसके द्वारा भ्रूण एवं मादा के रुधिर में पदार्थों का विनिमय होता है। यह अकेला ऐसा अंग है जो प्राणियों के उत्तक से बनता है। गर्भाशय झिल्लियों के आधार पर अपरा तीन प्रकार का होता है– (i) योक सैक अपरा (yolk sac placenta) – यह कंगारू में पाया जाता है। (ii) कोरियो ऐलटोइक अपरा–यह सभी यूथीरियन स्तनधारियों में पाया जाता है। (iii) कोरिऑनिक अपरा–यह मनुष्य में पाया जाता है। ⇨ भ्रूणीय अंकुरों के गर्भाशय की दीवार सम्बन्ध के आधार पर ________ अपरा पाँच प्रकार का होता है। (i) एपिथीलियो–कोरियल–उदाहरण : सुअर (ii) सिनडेस्मो–कोरियल उदाहरण : भेड़ एवं गाय (iii) एंडोथीलियो कोरियल – उदाहरण : कुत्ता, बिल्ली एवं अन्य मांसाहारी स्तनधारी (iv) हीमो–कोरियल–मनुष्य (v) हीमोएंडोथेलियल – शशक ⇨ प्रसव के समय मातृक अपरा के क्षतिग्रस्त होने के आधार पर– (i) नान डेसिडुअस–घोडा, बकरी व जुगाली करने वाले स्तनियों में (ii) डेसिडएट–मानव में (iii) कोंट्राडेसिडुअस–मोल में
D. मानव में पाये जाने वाले अपरा (placenta) विम्बाभ (Dicoidal) प्रकार के होते है। प्लैसेन्टा भ्रूण का मादा गर्भाशय की भित्ति के साथ वह अस्थायी सम्बन्ध है जिसके द्वारा भ्रूण एवं मादा के रुधिर में पदार्थों का विनिमय होता है। यह अकेला ऐसा अंग है जो प्राणियों के उत्तक से बनता है। गर्भाशय झिल्लियों के आधार पर अपरा तीन प्रकार का होता है– (i) योक सैक अपरा (yolk sac placenta) – यह कंगारू में पाया जाता है। (ii) कोरियो ऐलटोइक अपरा–यह सभी यूथीरियन स्तनधारियों में पाया जाता है। (iii) कोरिऑनिक अपरा–यह मनुष्य में पाया जाता है। ⇨ भ्रूणीय अंकुरों के गर्भाशय की दीवार सम्बन्ध के आधार पर ________ अपरा पाँच प्रकार का होता है। (i) एपिथीलियो–कोरियल–उदाहरण : सुअर (ii) सिनडेस्मो–कोरियल उदाहरण : भेड़ एवं गाय (iii) एंडोथीलियो कोरियल – उदाहरण : कुत्ता, बिल्ली एवं अन्य मांसाहारी स्तनधारी (iv) हीमो–कोरियल–मनुष्य (v) हीमोएंडोथेलियल – शशक ⇨ प्रसव के समय मातृक अपरा के क्षतिग्रस्त होने के आधार पर– (i) नान डेसिडुअस–घोडा, बकरी व जुगाली करने वाले स्तनियों में (ii) डेसिडएट–मानव में (iii) कोंट्राडेसिडुअस–मोल में

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मानव में पाये जाने वाले अपरा (placenta) विम्बाभ (Dicoidal) प्रकार के होते है। प्लैसेन्टा भ्रूण का मादा गर्भाशय की भित्ति के साथ वह अस्थायी सम्बन्ध है जिसके द्वारा भ्रूण एवं मादा के रुधिर में पदार्थों का विनिमय होता है। यह अकेला ऐसा अंग है जो प्राणियों के उत्तक से बनता है। गर्भाशय झिल्लियों के आधार पर अपरा तीन प्रकार का होता है– (i) योक सैक अपरा (yolk sac placenta) – यह कंगारू में पाया जाता है। (ii) कोरियो ऐलटोइक अपरा–यह सभी यूथीरियन स्तनधारियों में पाया जाता है। (iii) कोरिऑनिक अपरा–यह मनुष्य में पाया जाता है। ⇨ भ्रूणीय अंकुरों के गर्भाशय की दीवार सम्बन्ध के आधार पर ________ अपरा पाँच प्रकार का होता है। (i) एपिथीलियो–कोरियल–उदाहरण : सुअर (ii) सिनडेस्मो–कोरियल उदाहरण : भेड़ एवं गाय (iii) एंडोथीलियो कोरियल – उदाहरण : कुत्ता, बिल्ली एवं अन्य मांसाहारी स्तनधारी (iv) हीमो–कोरियल–मनुष्य (v) हीमोएंडोथेलियल – शशक ⇨ प्रसव के समय मातृक अपरा के क्षतिग्रस्त होने के आधार पर– (i) नान डेसिडुअस–घोडा, बकरी व जुगाली करने वाले स्तनियों में (ii) डेसिडएट–मानव में (iii) कोंट्राडेसिडुअस–मोल में