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Q: उस चित्रकार का नाम बताइए जिसने कला का अध्ययन पैरिस में किया और जो अपनी भावनात्मक दुनिया की अभिव्यक्ति नगर और प्राकृतिक दृश्यों द्वारा करता है–
  • A. के. जी. सुब्रमण्यम
  • B. ए. रामचंद्रन
  • C. बिनोद बिहारी मुखर्जी
  • D. राम कुमार
Correct Answer: Option D - • 1950-52 ई. में राम कुमार ने कला अध्ययन पेरिस में किया, आन्द्रे लहोत तथा फर्नाण्ड लींगर के निर्देशन में। • राम कुमार अपनी भावनात्मक दुनिया की अभिव्यक्ति में भूमि, आसमान, भवन, आधुनिकता के संसार, कौतुहल, विस्मय, पीड़ा, निराश्रित शीर्षक लिये चित्रण किया। • राम कुमार मनुष्य की सभ्यता के चित्रकार थे। • राम कुमार ने वाराणसी श्रृंखला में वहाँ के लोग, घाट, नावें, बालू, रेत, गंगा, समूचे वातावरण को धूमिल हल्के रंग में चित्रित किया। • राम कुमार ने कहा था-भारतीय चित्रकला यहाँ के जनजीवन की उपज है, इसमें उपस्थित सभी तत्व भारतीय है। • राम कुमार के गुरु फर्नाण्ड लीजे, क्यूब शैली के उस्ताद थे। प्रसिद्ध चित्र - अलविदा (तैल चित्र), अतीत, परिवार, दो बहने (लिथोग्राफी), स्वप्न, श्रृद्धांजलि, नगर दृश्य, उड़ान, वसन्त, धार इत्यादि।
D. • 1950-52 ई. में राम कुमार ने कला अध्ययन पेरिस में किया, आन्द्रे लहोत तथा फर्नाण्ड लींगर के निर्देशन में। • राम कुमार अपनी भावनात्मक दुनिया की अभिव्यक्ति में भूमि, आसमान, भवन, आधुनिकता के संसार, कौतुहल, विस्मय, पीड़ा, निराश्रित शीर्षक लिये चित्रण किया। • राम कुमार मनुष्य की सभ्यता के चित्रकार थे। • राम कुमार ने वाराणसी श्रृंखला में वहाँ के लोग, घाट, नावें, बालू, रेत, गंगा, समूचे वातावरण को धूमिल हल्के रंग में चित्रित किया। • राम कुमार ने कहा था-भारतीय चित्रकला यहाँ के जनजीवन की उपज है, इसमें उपस्थित सभी तत्व भारतीय है। • राम कुमार के गुरु फर्नाण्ड लीजे, क्यूब शैली के उस्ताद थे। प्रसिद्ध चित्र - अलविदा (तैल चित्र), अतीत, परिवार, दो बहने (लिथोग्राफी), स्वप्न, श्रृद्धांजलि, नगर दृश्य, उड़ान, वसन्त, धार इत्यादि।

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• 1950-52 ई. में राम कुमार ने कला अध्ययन पेरिस में किया, आन्द्रे लहोत तथा फर्नाण्ड लींगर के निर्देशन में। • राम कुमार अपनी भावनात्मक दुनिया की अभिव्यक्ति में भूमि, आसमान, भवन, आधुनिकता के संसार, कौतुहल, विस्मय, पीड़ा, निराश्रित शीर्षक लिये चित्रण किया। • राम कुमार मनुष्य की सभ्यता के चित्रकार थे। • राम कुमार ने वाराणसी श्रृंखला में वहाँ के लोग, घाट, नावें, बालू, रेत, गंगा, समूचे वातावरण को धूमिल हल्के रंग में चित्रित किया। • राम कुमार ने कहा था-भारतीय चित्रकला यहाँ के जनजीवन की उपज है, इसमें उपस्थित सभी तत्व भारतीय है। • राम कुमार के गुरु फर्नाण्ड लीजे, क्यूब शैली के उस्ताद थे। प्रसिद्ध चित्र - अलविदा (तैल चित्र), अतीत, परिवार, दो बहने (लिथोग्राफी), स्वप्न, श्रृद्धांजलि, नगर दृश्य, उड़ान, वसन्त, धार इत्यादि।