Correct Answer:
Option A - माता-पिता द्वारा पुत्र को लिखे गये पत्र में माता-पिता द्वारा ‘शुभाशीर्वाद’ का अभिवादन किया जाना चाहिए। ऐसे पत्र अनौपचारिक पत्र के अन्तर्गत आते हैं। इन्हे ‘गैर सरकारी पत्र’ भी कहते हैं। अनौपचारिक पत्रों के अनेक रूप प्रचलित हैं, जिन्हें लोग अपने दैनिक जीवन के व्यवहार में लाते हैं। यथा (1) सम्बन्धियों के पत्र, (2) बधाई पत्र, (3) शोक पत्र, (4) परिचय पत्र, (5) निमंत्रण पत्र, (6) विविध पत्र।
A. माता-पिता द्वारा पुत्र को लिखे गये पत्र में माता-पिता द्वारा ‘शुभाशीर्वाद’ का अभिवादन किया जाना चाहिए। ऐसे पत्र अनौपचारिक पत्र के अन्तर्गत आते हैं। इन्हे ‘गैर सरकारी पत्र’ भी कहते हैं। अनौपचारिक पत्रों के अनेक रूप प्रचलित हैं, जिन्हें लोग अपने दैनिक जीवन के व्यवहार में लाते हैं। यथा (1) सम्बन्धियों के पत्र, (2) बधाई पत्र, (3) शोक पत्र, (4) परिचय पत्र, (5) निमंत्रण पत्र, (6) विविध पत्र।