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Q: ‘त्रिभुवनप्रसवभूमिरिव विस्तीर्णा’ विशेषता किसके लिए प्रयुक्त है-
  • A. विदिशा
  • B. उज्जैनी
  • C. विन्ध्याटवी
  • D. हेमकूट
Correct Answer: Option A - ‘त्रिभुवनप्रसवभूमिरिव विस्तीर्णा’ विदिशा नगरी की विशेषता है। इसका वर्णन महाकवि बाणभट्ट द्वारा रचित कादम्बरी में हुआ है। कादम्बरी कथामुखम् में इसका वर्णन करते हुए कहा गया है, ‘‘विदिशा नगरी राजा शूद्रक की राजधानी थी जो सतयुग की तरह पुण्यरूपा थी, यह इतनी विस्तृत थी कि मानो तीनों लोक इससे उत्पन्न हुए थे।’’
A. ‘त्रिभुवनप्रसवभूमिरिव विस्तीर्णा’ विदिशा नगरी की विशेषता है। इसका वर्णन महाकवि बाणभट्ट द्वारा रचित कादम्बरी में हुआ है। कादम्बरी कथामुखम् में इसका वर्णन करते हुए कहा गया है, ‘‘विदिशा नगरी राजा शूद्रक की राजधानी थी जो सतयुग की तरह पुण्यरूपा थी, यह इतनी विस्तृत थी कि मानो तीनों लोक इससे उत्पन्न हुए थे।’’

Explanations:

‘त्रिभुवनप्रसवभूमिरिव विस्तीर्णा’ विदिशा नगरी की विशेषता है। इसका वर्णन महाकवि बाणभट्ट द्वारा रचित कादम्बरी में हुआ है। कादम्बरी कथामुखम् में इसका वर्णन करते हुए कहा गया है, ‘‘विदिशा नगरी राजा शूद्रक की राजधानी थी जो सतयुग की तरह पुण्यरूपा थी, यह इतनी विस्तृत थी कि मानो तीनों लोक इससे उत्पन्न हुए थे।’’