Correct Answer:
Option A - प्राक्कलन विधि के अन्तर्गत विस्तृत एवं संक्षिप्त प्राकलन दोनों आते हैं। प्रारम्भिक प्राक्कलन, प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत की जानकारी देता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है। जबकि विस्तृत प्राक्कलन निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर, निर्माण कार्य वास्तविक रूप से शुरू करने के लिए बनाया जाता है।
A. प्राक्कलन विधि के अन्तर्गत विस्तृत एवं संक्षिप्त प्राकलन दोनों आते हैं। प्रारम्भिक प्राक्कलन, प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत की जानकारी देता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है। जबकि विस्तृत प्राक्कलन निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर, निर्माण कार्य वास्तविक रूप से शुरू करने के लिए बनाया जाता है।