Correct Answer:
Option D - एक पारिस्थितिकी तन्त्र में सकल प्राथमिक उत्पादन से हानियाँ घटाकर ‘निवल प्राथमिक उत्पादन’ की ओर इंगित की जाती है।
• निवल उत्पादकता पारिस्थितिकी तन्त्र की कुल उत्पादकता कहलाती है।
• किसी पारिस्थितिकी तन्त्र में पौघों के अतिरिक्त जो उत्पादन होता है उसे द्वितीयक उत्पादक कहते है।
D. एक पारिस्थितिकी तन्त्र में सकल प्राथमिक उत्पादन से हानियाँ घटाकर ‘निवल प्राथमिक उत्पादन’ की ओर इंगित की जाती है।
• निवल उत्पादकता पारिस्थितिकी तन्त्र की कुल उत्पादकता कहलाती है।
• किसी पारिस्थितिकी तन्त्र में पौघों के अतिरिक्त जो उत्पादन होता है उसे द्वितीयक उत्पादक कहते है।