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Q: ‘‘सीता स्थाल्यां तण्डूलान् ओदनं पचति’’ इत्यत्र केन सूत्रेण सिद्धयति?
  • A. सप्तम्यधिकरणे च
  • B. यतश्च निर्धारणम्
  • C. भुव: प्रभव: (्)
  • D. षष्ठी शेषे
Correct Answer: Option A - ‘सीता स्थाल्यां तण्डूलान् ओदनं पचति’’ इत्यत्र ‘सप्तम्यधिकरणे च’ सूत्रेण सिद्धयति। क्रिया के आधार अथवा विषय को अधिकरण कहा जाता है। जिस स्थान पर कोई कार्य सम्पन्न होता है, उसे आधार कहते है। अधिकरण में सप्तमी विभक्ति होती है, इसलिए भात पकने का स्थान ‘स्थाली’ है इसलिए स्थाली में सप्तमी विभक्ति होकर ‘स्थाल्यां’ बना।
A. ‘सीता स्थाल्यां तण्डूलान् ओदनं पचति’’ इत्यत्र ‘सप्तम्यधिकरणे च’ सूत्रेण सिद्धयति। क्रिया के आधार अथवा विषय को अधिकरण कहा जाता है। जिस स्थान पर कोई कार्य सम्पन्न होता है, उसे आधार कहते है। अधिकरण में सप्तमी विभक्ति होती है, इसलिए भात पकने का स्थान ‘स्थाली’ है इसलिए स्थाली में सप्तमी विभक्ति होकर ‘स्थाल्यां’ बना।

Explanations:

‘सीता स्थाल्यां तण्डूलान् ओदनं पचति’’ इत्यत्र ‘सप्तम्यधिकरणे च’ सूत्रेण सिद्धयति। क्रिया के आधार अथवा विषय को अधिकरण कहा जाता है। जिस स्थान पर कोई कार्य सम्पन्न होता है, उसे आधार कहते है। अधिकरण में सप्तमी विभक्ति होती है, इसलिए भात पकने का स्थान ‘स्थाली’ है इसलिए स्थाली में सप्तमी विभक्ति होकर ‘स्थाल्यां’ बना।