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Q: उस समय ब्रिटिश भारत का तत्कालीन गवर्नर जनरल कौन था जब ‘सती प्रथा’ अवैध और दंडनीय घोषित की गई थी?
  • A. वॉरेन हेस्टिंग्स
  • B. लॉर्ड कॉर्नवालिस
  • C. लॉर्ड विलियम बेंटिक
  • D. लॉर्ड वेलेजली
Correct Answer: Option C - तात्कालीन ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल ‘लॉर्ड विलियम बेंटिक’ द्वारा 4 दिसंबर 1829 को बंगाल सती प्रथा रेगुलेशन पास किया गया था, इस कानून के माध्यम से पूरे ब्रिटिश भारत में सती प्रथा पर रोक लगा दी गयी। इस रेगुलेशन में सती प्रथा को इंसानी प्रकृति की भावनाओं के विरूद्ध बताया गया। वर्ष 1829 के 17वें नियम के अनुसार विधवाओं को जीवित जिन्दा जलाना अपराध घोषित कर दिया गया था। ध्यातव्य है कि राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा को मिटाने के लिए प्रयत्न किया था।
C. तात्कालीन ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल ‘लॉर्ड विलियम बेंटिक’ द्वारा 4 दिसंबर 1829 को बंगाल सती प्रथा रेगुलेशन पास किया गया था, इस कानून के माध्यम से पूरे ब्रिटिश भारत में सती प्रथा पर रोक लगा दी गयी। इस रेगुलेशन में सती प्रथा को इंसानी प्रकृति की भावनाओं के विरूद्ध बताया गया। वर्ष 1829 के 17वें नियम के अनुसार विधवाओं को जीवित जिन्दा जलाना अपराध घोषित कर दिया गया था। ध्यातव्य है कि राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा को मिटाने के लिए प्रयत्न किया था।

Explanations:

तात्कालीन ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल ‘लॉर्ड विलियम बेंटिक’ द्वारा 4 दिसंबर 1829 को बंगाल सती प्रथा रेगुलेशन पास किया गया था, इस कानून के माध्यम से पूरे ब्रिटिश भारत में सती प्रथा पर रोक लगा दी गयी। इस रेगुलेशन में सती प्रथा को इंसानी प्रकृति की भावनाओं के विरूद्ध बताया गया। वर्ष 1829 के 17वें नियम के अनुसार विधवाओं को जीवित जिन्दा जलाना अपराध घोषित कर दिया गया था। ध्यातव्य है कि राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा को मिटाने के लिए प्रयत्न किया था।