Correct Answer:
Option C - कोषों की सीमान्त लागत पर आधारित उधारी दर (MCLR) वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण दरों के निर्धारण की एक पद्धति है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अप्रैल, 2016 से लागू किया गया। एमसीएलआर के आधार पर विभिन्न प्रकार के ग्राहकों के लिए ब्याज दरें उनकी जोखिम आशंका के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान होता है। इन दिशा निर्देशों से बैंकों द्वारा अपनाई गई विधियों में पारर्दिशता में वृद्धि होगी। साथ ही साथ यह ग्राहकों और बैंकों दोनों के लिए न्यायसंगत होगा। इस प्रकार प्रश्नगत दोनों कथन सत्य हैं।
C. कोषों की सीमान्त लागत पर आधारित उधारी दर (MCLR) वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ऋण दरों के निर्धारण की एक पद्धति है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अप्रैल, 2016 से लागू किया गया। एमसीएलआर के आधार पर विभिन्न प्रकार के ग्राहकों के लिए ब्याज दरें उनकी जोखिम आशंका के अनुसार निर्धारित किए जाने का प्रावधान होता है। इन दिशा निर्देशों से बैंकों द्वारा अपनाई गई विधियों में पारर्दिशता में वृद्धि होगी। साथ ही साथ यह ग्राहकों और बैंकों दोनों के लिए न्यायसंगत होगा। इस प्रकार प्रश्नगत दोनों कथन सत्य हैं।