Correct Answer:
Option B - प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त काल के इतिहास की घटनाओं का दर्पण है। यह समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रची गयी थी, जो समुद्रगुप्त एवं कुमारामात्य का सन्धिविग्रहिक था। यह प्रशस्ति इलाहाबाद के किले में स्थित स्तम्भ पर उत्कीर्ण है। प्रयाग प्रशस्ति संस्कृत के पद्य शैली में लिखित गुप्त काल के घटनाओं के बारे में जानकारी का प्रमुख स्रोत है।
B. प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त काल के इतिहास की घटनाओं का दर्पण है। यह समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रची गयी थी, जो समुद्रगुप्त एवं कुमारामात्य का सन्धिविग्रहिक था। यह प्रशस्ति इलाहाबाद के किले में स्थित स्तम्भ पर उत्कीर्ण है। प्रयाग प्रशस्ति संस्कृत के पद्य शैली में लिखित गुप्त काल के घटनाओं के बारे में जानकारी का प्रमुख स्रोत है।