search
Q: ``सदानुकूलेषु हि कुर्वते रिंत नृपेष्वमात्येषु च सर्वसम्पद:।'' यह किसके द्वारा कहा गया है?
  • A. द्रौपदी द्वारा
  • B. वनेचर द्वारा
  • C. दुर्योधन द्वारा
  • D. युधिष्ठिर द्वारा
Correct Answer: Option B - ``सदानुवूâलेषु हि कुर्वते रिंत, नृपेष्वमात्येषु च सर्वसम्पद:।'' यह वनेचर द्वारा कहा गया है। यह श्लोकांश भारवि कृत किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग से लिया गया है। इसका आशय है कि ``राजाओं तथा सचिवों के परस्पर अनुकूल रहने पर ही समग्र सम्पत्तियाँ सदैव अनुराग करती हैं।''
B. ``सदानुवूâलेषु हि कुर्वते रिंत, नृपेष्वमात्येषु च सर्वसम्पद:।'' यह वनेचर द्वारा कहा गया है। यह श्लोकांश भारवि कृत किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग से लिया गया है। इसका आशय है कि ``राजाओं तथा सचिवों के परस्पर अनुकूल रहने पर ही समग्र सम्पत्तियाँ सदैव अनुराग करती हैं।''

Explanations:

``सदानुवूâलेषु हि कुर्वते रिंत, नृपेष्वमात्येषु च सर्वसम्पद:।'' यह वनेचर द्वारा कहा गया है। यह श्लोकांश भारवि कृत किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग से लिया गया है। इसका आशय है कि ``राजाओं तथा सचिवों के परस्पर अनुकूल रहने पर ही समग्र सम्पत्तियाँ सदैव अनुराग करती हैं।''