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Q: प्राचीन भारत के लेखों के संदर्भ में (A) तथा (B) कथनों को पढ़ें तथा सही विकल्प चुनें। (A) पुराणों का पाठ प्रत्येक व्यक्ति के पढ़ने के लिए था, शूद्र भी इसे पढ़ते थे। (B) शूद्रों को वेद पढ़ने की अनुमति नहीं थी। विकल्प :
  • A. (A) सही है परन्तु (B) गलत है
  • B. (B) सही है परन्तु (A) गलत है
  • C. (A) और (B) दोनों गलत हैं।
  • D. (A) तथा (B) दोनों गलत हैं।
Correct Answer: Option B - प्राचीन भारत के लेखों के संदर्भ में पुराणों का पाठ शूद्र को पढ़नें की अनुमति नही थी, इसलिए कथन (A) गलत है। कथन (B) में शूद्र को वेद पढ़ने की अनुमति नही थी, यह सत्य है। इस कारण कथन (B) भी सही है। प्राचीन पुराणों में विष्णु, शिव दुर्गा या पार्वती जैसे देवी-देवताओं से जुड़ी कहानियां है। इनमे इन देवी-देवताओं की पूजा की विधियाँ दी गई है। इसके अतिरिक्त इनमें संसार की सृष्टि की रचना तथा राजाओं के बारे में भी कहानियां है।
B. प्राचीन भारत के लेखों के संदर्भ में पुराणों का पाठ शूद्र को पढ़नें की अनुमति नही थी, इसलिए कथन (A) गलत है। कथन (B) में शूद्र को वेद पढ़ने की अनुमति नही थी, यह सत्य है। इस कारण कथन (B) भी सही है। प्राचीन पुराणों में विष्णु, शिव दुर्गा या पार्वती जैसे देवी-देवताओं से जुड़ी कहानियां है। इनमे इन देवी-देवताओं की पूजा की विधियाँ दी गई है। इसके अतिरिक्त इनमें संसार की सृष्टि की रचना तथा राजाओं के बारे में भी कहानियां है।

Explanations:

प्राचीन भारत के लेखों के संदर्भ में पुराणों का पाठ शूद्र को पढ़नें की अनुमति नही थी, इसलिए कथन (A) गलत है। कथन (B) में शूद्र को वेद पढ़ने की अनुमति नही थी, यह सत्य है। इस कारण कथन (B) भी सही है। प्राचीन पुराणों में विष्णु, शिव दुर्गा या पार्वती जैसे देवी-देवताओं से जुड़ी कहानियां है। इनमे इन देवी-देवताओं की पूजा की विधियाँ दी गई है। इसके अतिरिक्त इनमें संसार की सृष्टि की रचना तथा राजाओं के बारे में भी कहानियां है।