Correct Answer:
Option A - शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत का प्रतिपादन पावलव ने किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार किसी अनुक्रिया का सम्बन्ध किसी विशेष प्रकार के उद्दीपक के साथ स्थापित हो जाने पर उद्दीपक जैसे ही प्रस्तुत होती है अनुक्रिया स्वत: होने लगती है इस प्रकार अधिगम हो जाता है। प्रश्न में राजू बिजली चमकने और कड़कने की आवाज सुनकर उछलता है। बाद में जब पुन: बिजली कड़कती है तो वह पुन: उछल पड़ता है। इस प्रकार उसकी अनुक्रिया ‘उछलना’ उद्दीपक ‘बिजली के कड़कने’ के साथ सम्बन्धित हो गयी है। फलस्वरूप उस विशेष उद्दीपक के प्रति वह विशेष अनुक्रिया करना सीख गया है।
A. शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत का प्रतिपादन पावलव ने किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार किसी अनुक्रिया का सम्बन्ध किसी विशेष प्रकार के उद्दीपक के साथ स्थापित हो जाने पर उद्दीपक जैसे ही प्रस्तुत होती है अनुक्रिया स्वत: होने लगती है इस प्रकार अधिगम हो जाता है। प्रश्न में राजू बिजली चमकने और कड़कने की आवाज सुनकर उछलता है। बाद में जब पुन: बिजली कड़कती है तो वह पुन: उछल पड़ता है। इस प्रकार उसकी अनुक्रिया ‘उछलना’ उद्दीपक ‘बिजली के कड़कने’ के साथ सम्बन्धित हो गयी है। फलस्वरूप उस विशेष उद्दीपक के प्रति वह विशेष अनुक्रिया करना सीख गया है।