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Q: पाँच वर्ष का राजू अपनी खिड़की के बाहर तूफान को देखता है। बिजली चमकती है और कड़कने की आवाज आती है। राजू शोर सुन कर उछलता है। बार-बार यह घटना होती है। फिर कुछ देर शान्ति के पश्चात बिजली कड़कती है। राजू बिजली की गर्जना सुनकर उछलता है। राजू का उछलना सीखने के किस सिद्धान्त का उदाहरण है?
  • A. शास्त्रीय अनुबन्धन
  • B. क्रियाप्रसूत अनुबन्धन
  • C. प्रयत्न एवं भूल
  • D. इनमें से कोई नहीं।
Correct Answer: Option A - शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत का प्रतिपादन पावलव ने किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार किसी अनुक्रिया का सम्बन्ध किसी विशेष प्रकार के उद्दीपक के साथ स्थापित हो जाने पर उद्दीपक जैसे ही प्रस्तुत होती है अनुक्रिया स्वत: होने लगती है इस प्रकार अधिगम हो जाता है। प्रश्न में राजू बिजली चमकने और कड़कने की आवाज सुनकर उछलता है। बाद में जब पुन: बिजली कड़कती है तो वह पुन: उछल पड़ता है। इस प्रकार उसकी अनुक्रिया ‘उछलना’ उद्दीपक ‘बिजली के कड़कने’ के साथ सम्बन्धित हो गयी है। फलस्वरूप उस विशेष उद्दीपक के प्रति वह विशेष अनुक्रिया करना सीख गया है।
A. शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत का प्रतिपादन पावलव ने किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार किसी अनुक्रिया का सम्बन्ध किसी विशेष प्रकार के उद्दीपक के साथ स्थापित हो जाने पर उद्दीपक जैसे ही प्रस्तुत होती है अनुक्रिया स्वत: होने लगती है इस प्रकार अधिगम हो जाता है। प्रश्न में राजू बिजली चमकने और कड़कने की आवाज सुनकर उछलता है। बाद में जब पुन: बिजली कड़कती है तो वह पुन: उछल पड़ता है। इस प्रकार उसकी अनुक्रिया ‘उछलना’ उद्दीपक ‘बिजली के कड़कने’ के साथ सम्बन्धित हो गयी है। फलस्वरूप उस विशेष उद्दीपक के प्रति वह विशेष अनुक्रिया करना सीख गया है।

Explanations:

शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत का प्रतिपादन पावलव ने किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार किसी अनुक्रिया का सम्बन्ध किसी विशेष प्रकार के उद्दीपक के साथ स्थापित हो जाने पर उद्दीपक जैसे ही प्रस्तुत होती है अनुक्रिया स्वत: होने लगती है इस प्रकार अधिगम हो जाता है। प्रश्न में राजू बिजली चमकने और कड़कने की आवाज सुनकर उछलता है। बाद में जब पुन: बिजली कड़कती है तो वह पुन: उछल पड़ता है। इस प्रकार उसकी अनुक्रिया ‘उछलना’ उद्दीपक ‘बिजली के कड़कने’ के साथ सम्बन्धित हो गयी है। फलस्वरूप उस विशेष उद्दीपक के प्रति वह विशेष अनुक्रिया करना सीख गया है।