Correct Answer:
Option A - चालू खाते के अन्तर्गत लेन-देन के फलस्वरूप किए जाने वाले अथवा प्राप्त होने वाले उन भुगतानों का समावेश होता है जो चालू वर्ष (वित्तीय वर्ष) में पूरे किए जाते है। चालू खाते के अंतर्गत वस्तुओं एवं सेवाओं, ब्याज एवं लाभांश और एक पक्षीय हस्तान्तरणों को शामिल किया जाता है जबकि पूँजी खाते में दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन विनियोगों एवं मुद्रा के आवागमन को सम्मिलित किया जाता है।
भारत द्वारा अपने चालू खाते में निर्यात के कारण आगत और आयात के कारण निर्गत तथा आय विचलन के कारण आगत और निर्गत दोनों को दिखाया जाता है।
A. चालू खाते के अन्तर्गत लेन-देन के फलस्वरूप किए जाने वाले अथवा प्राप्त होने वाले उन भुगतानों का समावेश होता है जो चालू वर्ष (वित्तीय वर्ष) में पूरे किए जाते है। चालू खाते के अंतर्गत वस्तुओं एवं सेवाओं, ब्याज एवं लाभांश और एक पक्षीय हस्तान्तरणों को शामिल किया जाता है जबकि पूँजी खाते में दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन विनियोगों एवं मुद्रा के आवागमन को सम्मिलित किया जाता है।
भारत द्वारा अपने चालू खाते में निर्यात के कारण आगत और आयात के कारण निर्गत तथा आय विचलन के कारण आगत और निर्गत दोनों को दिखाया जाता है।