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Q: प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन........कै
  • A. जनै:
  • B. बालै:
  • C. नीचै:
  • D. पुरुषै:
Correct Answer: Option C - उक्त श्लोक नीतिशतक से लिया गया है। इसके लेखक भर्तृहरि हैं। उक्त श्लोकांश का आशय है – तुच्छ लोग विघ्न के भय से कार्य का समारम्भ ही नहीं करते।
C. उक्त श्लोक नीतिशतक से लिया गया है। इसके लेखक भर्तृहरि हैं। उक्त श्लोकांश का आशय है – तुच्छ लोग विघ्न के भय से कार्य का समारम्भ ही नहीं करते।

Explanations:

उक्त श्लोक नीतिशतक से लिया गया है। इसके लेखक भर्तृहरि हैं। उक्त श्लोकांश का आशय है – तुच्छ लोग विघ्न के भय से कार्य का समारम्भ ही नहीं करते।