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Q: बच्चे समाज में अपनी भूमिका को किन प्रक्रियाओं द्वारा सीखते हैं ?
  • A. सामाजीकरण व उत्संस्करण।
  • B. समावेशन व समायोजन।
  • C. अनुकूलन व समायोजन।
  • D. अनुकूलन व उत्संस्करण।
Correct Answer: Option A - बालक समाज में अपनी भूमिका को सामाजीकरण व उत्संस्करण प्रक्रियाओं द्वारा सीखते हैं। सामाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मनुष्य समाज के विभिन्न व्यवहार, रीति-रिवाज, गतिविधियाँ इत्यादि सीखता है। मनुष्य विभिन्न प्राकृतिक परिवेशों तथा सामाजिक स्थानों जैसे कि गाँवों, कस्बों तथा शहरों में भी रहते हैं। विभिन्न वातावरणों में, प्राकृतिक तथा सामाजिक स्थितियों का सामना करने के लिए, व्यक्ति विभिन्न नीतियाँ अपनाते हैं। इससे जीवन जीने के विभिन्न तरीकों या संस्कृतियों का विकास होता है।
A. बालक समाज में अपनी भूमिका को सामाजीकरण व उत्संस्करण प्रक्रियाओं द्वारा सीखते हैं। सामाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मनुष्य समाज के विभिन्न व्यवहार, रीति-रिवाज, गतिविधियाँ इत्यादि सीखता है। मनुष्य विभिन्न प्राकृतिक परिवेशों तथा सामाजिक स्थानों जैसे कि गाँवों, कस्बों तथा शहरों में भी रहते हैं। विभिन्न वातावरणों में, प्राकृतिक तथा सामाजिक स्थितियों का सामना करने के लिए, व्यक्ति विभिन्न नीतियाँ अपनाते हैं। इससे जीवन जीने के विभिन्न तरीकों या संस्कृतियों का विकास होता है।

Explanations:

बालक समाज में अपनी भूमिका को सामाजीकरण व उत्संस्करण प्रक्रियाओं द्वारा सीखते हैं। सामाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मनुष्य समाज के विभिन्न व्यवहार, रीति-रिवाज, गतिविधियाँ इत्यादि सीखता है। मनुष्य विभिन्न प्राकृतिक परिवेशों तथा सामाजिक स्थानों जैसे कि गाँवों, कस्बों तथा शहरों में भी रहते हैं। विभिन्न वातावरणों में, प्राकृतिक तथा सामाजिक स्थितियों का सामना करने के लिए, व्यक्ति विभिन्न नीतियाँ अपनाते हैं। इससे जीवन जीने के विभिन्न तरीकों या संस्कृतियों का विकास होता है।