Correct Answer:
Option D - कृष्ण एवं बलराम का अंकन अगाथोक्लीज के सिक्कों में मिलता है। कुषाण शासक हुविष्क ने ढेर सारे स्वर्ण एवं ताम्र सिक्कों का प्रचलन कराया। हुविष्क के सिक्कों में बुद्ध, शिव, वासुदेव विशाख, उमा आदि का अंकन है। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने सोने, रजत, ताम्र मुद्रायें चलवायी, चन्द्रगुप्त II ने स्वर्ण मुद्राओं में, धनुधारी प्रकार, छत्रधारी प्रकार, पर्यज्र् प्रकार, सिंह निहन्ता प्रकार, अश्वारोही प्रकार की मुद्राओं का प्रचलन करवाया, इसके चाँदी के सिक्कों पर मुख भाग में राजा की आकृति एवं पृष्ठ भाग में गरुड़ की आकृति मिलती है। कला में श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम को हल लिए प्रदर्शित किया गया है। यूनानी लेखकों में श्री कृष्ण का तादात्म्य युनानी देवता ‘हेराक्ल’ से की गयी है।
D. कृष्ण एवं बलराम का अंकन अगाथोक्लीज के सिक्कों में मिलता है। कुषाण शासक हुविष्क ने ढेर सारे स्वर्ण एवं ताम्र सिक्कों का प्रचलन कराया। हुविष्क के सिक्कों में बुद्ध, शिव, वासुदेव विशाख, उमा आदि का अंकन है। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने सोने, रजत, ताम्र मुद्रायें चलवायी, चन्द्रगुप्त II ने स्वर्ण मुद्राओं में, धनुधारी प्रकार, छत्रधारी प्रकार, पर्यज्र् प्रकार, सिंह निहन्ता प्रकार, अश्वारोही प्रकार की मुद्राओं का प्रचलन करवाया, इसके चाँदी के सिक्कों पर मुख भाग में राजा की आकृति एवं पृष्ठ भाग में गरुड़ की आकृति मिलती है। कला में श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम को हल लिए प्रदर्शित किया गया है। यूनानी लेखकों में श्री कृष्ण का तादात्म्य युनानी देवता ‘हेराक्ल’ से की गयी है।