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Q: निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 106 से 111) में सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। आया समय, उठो तुम नारी, युग-निर्माण तुम्हें करना है। आ़जादी की खुदी नींव में, तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है। अपने को कम़जोर न समझों, जननी हो संपूर्ण जगत की, गौरव हो। ‘जननी हो संपूर्ण जगत की ........।’ पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
  • A. यमक
  • B. अनुप्रास
  • C. उपमा
  • D. रूपक
Correct Answer: Option B - दिये गये पंक्ति ‘जननी हो सम्पूर्ण जगत की -----’ में अनुप्रास अलंकार है। वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास अलंकार कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना है। जैसे दी गई पंक्ति में ‘ज’ शब्द की आवृत्ति हुई है। अत: यहाँ पर अनुप्रास अंलकार है।
B. दिये गये पंक्ति ‘जननी हो सम्पूर्ण जगत की -----’ में अनुप्रास अलंकार है। वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास अलंकार कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना है। जैसे दी गई पंक्ति में ‘ज’ शब्द की आवृत्ति हुई है। अत: यहाँ पर अनुप्रास अंलकार है।

Explanations:

दिये गये पंक्ति ‘जननी हो सम्पूर्ण जगत की -----’ में अनुप्रास अलंकार है। वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास अलंकार कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना है। जैसे दी गई पंक्ति में ‘ज’ शब्द की आवृत्ति हुई है। अत: यहाँ पर अनुप्रास अंलकार है।