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Q: निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्न का सर्वाधिक उचित विकल्प का चयन कीजिए- अपने देश में नवीन राष्ट्र के निर्माण का कार्य भी विवेकानन्द आरंभ कर गए। व्यक्तियों के समष्टि को राष्ट्र कहते हैं। सच्चे मनुष्यों का निर्माण हुए बिना स्वाधीन और बलवान राष्ट्र का जन्म नहीं हो सकता। इसलिए उन्होंने कहा था, ‘‘मानव-निर्माण ही मेरा लक्ष्य है।’ तत्पश्चात् सच्चे मनुष्य के निर्माण के लिए उन्होंने किसी वर्ग विशेष की ओर अपनी दृष्टि केन्द्रित न करके समग्र समाज की ओर ध्यान दिया। स्वामी विवेकानंद का जीवन लक्ष्य था
  • A. व्यक्तित्व-निर्माण
  • B. मानव-निर्माण
  • C. समाज-निर्माण
  • D. समुदाय-निर्माण
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार- स्वामी विवेकानन्द के जीवन का लक्ष्य मानव-निर्माण था।
B. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार- स्वामी विवेकानन्द के जीवन का लक्ष्य मानव-निर्माण था।

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उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार- स्वामी विवेकानन्द के जीवन का लक्ष्य मानव-निर्माण था।