search
Q: कौन सा हित प्राथमिक और स्थायी दोनों हितों से उभर सकता है?
  • A. परिवर्तनीय हित
  • B. समान हित
  • C. पूर्व-पूरक हित
  • D. विशिष्ट हित
Correct Answer: Option A - हितों का वर्गीकरण अनेक प्रकार से किया जाता है। प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक और द्वितीयक प्रकार का वर्गीकरण किया गया है। जबकि तात्विक रूप से राष्ट्रीय हितों का वर्गीकरण स्थायी और गौण में हुआ है। परिवर्तनीय हित उक्त सभी हितों में व्याप्त है तथा प्राथमिक और स्थायी दोनों हितों से उभर सकता है।
A. हितों का वर्गीकरण अनेक प्रकार से किया जाता है। प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक और द्वितीयक प्रकार का वर्गीकरण किया गया है। जबकि तात्विक रूप से राष्ट्रीय हितों का वर्गीकरण स्थायी और गौण में हुआ है। परिवर्तनीय हित उक्त सभी हितों में व्याप्त है तथा प्राथमिक और स्थायी दोनों हितों से उभर सकता है।

Explanations:

हितों का वर्गीकरण अनेक प्रकार से किया जाता है। प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक और द्वितीयक प्रकार का वर्गीकरण किया गया है। जबकि तात्विक रूप से राष्ट्रीय हितों का वर्गीकरण स्थायी और गौण में हुआ है। परिवर्तनीय हित उक्त सभी हितों में व्याप्त है तथा प्राथमिक और स्थायी दोनों हितों से उभर सकता है।