Correct Answer:
Option A - दिये गये गद्यांश के अनुसार मानव को सृष्टि का लघु रुप माना गया है क्योंकि मानव-मन में जो घटित होता है, वही सृष्टि में घटित होता है।
A. दिये गये गद्यांश के अनुसार मानव को सृष्टि का लघु रुप माना गया है क्योंकि मानव-मन में जो घटित होता है, वही सृष्टि में घटित होता है।