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Q: निम्न में से कौन से संकेतक का उपयोग अम्लीय और उदासीन विलयनों के बीच फर्क करने के लिए नहीं किया जा सकता है?
  • A. मिथाइल ऑरेंज
  • B. फिनॉफ्थलीन
  • C. इओसिन
  • D. यूनिवर्सल इंडिकेटर
Correct Answer: Option C - फिनाफ्थलीन, मिथाइल ऑरेन्ज जैसे प्राकृतिक या कृत्रिम सूचक से किसी यौगिक के अम्ल अथवा क्षार होने के गुण का पता लगाया जाता है जबकि इओसिन द्वारा कोशिका द्रव्य, ऊतक का अध्ययन किया जाता है।
C. फिनाफ्थलीन, मिथाइल ऑरेन्ज जैसे प्राकृतिक या कृत्रिम सूचक से किसी यौगिक के अम्ल अथवा क्षार होने के गुण का पता लगाया जाता है जबकि इओसिन द्वारा कोशिका द्रव्य, ऊतक का अध्ययन किया जाता है।

Explanations:

फिनाफ्थलीन, मिथाइल ऑरेन्ज जैसे प्राकृतिक या कृत्रिम सूचक से किसी यौगिक के अम्ल अथवा क्षार होने के गुण का पता लगाया जाता है जबकि इओसिन द्वारा कोशिका द्रव्य, ऊतक का अध्ययन किया जाता है।