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Q: निर्गुनियाँ सन्तों की काव्य-सर्जना सर्वाधिक आधारित दिखती है-
  • A. आदिकाल लोक-कथाओं पर
  • B. नाथों की रचनाओं पर
  • C. दक्षिण भारत के वीर शैवों की भाँति भावना पर
  • D. सूफियोंं की यौगिक साधना पर
Correct Answer: Option B - निर्गुनियाँ सन्तों की काव्य सर्जना सर्वाधिक नाथों की रचनाओं पर आधारित दिखती है। गोरखनाथ को नाथ सम्प्रदाय का आरम्भ कर्ता माना जाता है। गोरखनाथ के गुरु का नाम मछन्दरनाथ था।
B. निर्गुनियाँ सन्तों की काव्य सर्जना सर्वाधिक नाथों की रचनाओं पर आधारित दिखती है। गोरखनाथ को नाथ सम्प्रदाय का आरम्भ कर्ता माना जाता है। गोरखनाथ के गुरु का नाम मछन्दरनाथ था।

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निर्गुनियाँ सन्तों की काव्य सर्जना सर्वाधिक नाथों की रचनाओं पर आधारित दिखती है। गोरखनाथ को नाथ सम्प्रदाय का आरम्भ कर्ता माना जाता है। गोरखनाथ के गुरु का नाम मछन्दरनाथ था।