Correct Answer:
Option D - फिशिंग लिंक द्वारा धोखे से यूजर्स का डेटा चुराया जाता है। फिशिंग को साइबर अपराध की श्रेणी में रखते हैं, इसमें मेल, टेक्स्ट मैसेज अथवा संचार के अन्य माध्यमों से हैकिंग युक्त लिंक भेज कर यूजर्स के व्यक्तिगत डेटा, जैसे- आधार, पैन, बैंक डिटेल, आदि, को चुरा लिया जाता है, तत्पश्चात्, हैकर्स द्वारा यूजर्स को ब्लैकमेल किया जाता है। इमेल फिशिंग, स्मिशिंग, व्हेल फिशिंग आदि फिशिंग के उदाहरण हैं।
D. फिशिंग लिंक द्वारा धोखे से यूजर्स का डेटा चुराया जाता है। फिशिंग को साइबर अपराध की श्रेणी में रखते हैं, इसमें मेल, टेक्स्ट मैसेज अथवा संचार के अन्य माध्यमों से हैकिंग युक्त लिंक भेज कर यूजर्स के व्यक्तिगत डेटा, जैसे- आधार, पैन, बैंक डिटेल, आदि, को चुरा लिया जाता है, तत्पश्चात्, हैकर्स द्वारा यूजर्स को ब्लैकमेल किया जाता है। इमेल फिशिंग, स्मिशिंग, व्हेल फिशिंग आदि फिशिंग के उदाहरण हैं।