search
Q: निम्नलिखित दो कथनों में एक स्थापना (A) है और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए। स्थापना (Assertion) A : भरत का ‘नाट्यशास्त्र’ विविध ललित कलाओं का एकत्र सम्मेलन है। तर्क (Reason) R : क्योंकि यह ग्रन्थ भाषाशास्त्र, अलंकारशास्त्र तथा नाट्यशास्त्र कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
  • A. (A) सही है और (R) गलत है।
  • B. (A) गलत है और (R) सही है
  • C. (A) और (R) दोनों सही हैं।
  • D. (A) और (R) दोनों गलत हैं।
Correct Answer: Option C - निम्न दो कथनों में एक स्थापना (A) है और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन इस प्रकार है– स्थापना (Assertion) A : भरत का ‘नाट्यशास्त्र’ विविध ललित कलाओं का एकत्र सम्मेलन है। तर्क (Reason) R : क्योंकि यह ग्रन्थ भाषाशास्त्र, अलंकारशास्त्र तथा नाट्यशास्त्र कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। अत: स्थापना (A) और तर्क (R) दोनों सही है। ⟹ भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में प्रत्यभिज्ञा दर्शन की छाप है। प्रत्यभिज्ञा दर्शन में स्वीकृत 36 मूल तत्वों के प्रतीक स्वरूप नाट्यशास्त्र में 36 अध्याय हैं।
C. निम्न दो कथनों में एक स्थापना (A) है और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन इस प्रकार है– स्थापना (Assertion) A : भरत का ‘नाट्यशास्त्र’ विविध ललित कलाओं का एकत्र सम्मेलन है। तर्क (Reason) R : क्योंकि यह ग्रन्थ भाषाशास्त्र, अलंकारशास्त्र तथा नाट्यशास्त्र कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। अत: स्थापना (A) और तर्क (R) दोनों सही है। ⟹ भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में प्रत्यभिज्ञा दर्शन की छाप है। प्रत्यभिज्ञा दर्शन में स्वीकृत 36 मूल तत्वों के प्रतीक स्वरूप नाट्यशास्त्र में 36 अध्याय हैं।

Explanations:

निम्न दो कथनों में एक स्थापना (A) है और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन इस प्रकार है– स्थापना (Assertion) A : भरत का ‘नाट्यशास्त्र’ विविध ललित कलाओं का एकत्र सम्मेलन है। तर्क (Reason) R : क्योंकि यह ग्रन्थ भाषाशास्त्र, अलंकारशास्त्र तथा नाट्यशास्त्र कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। अत: स्थापना (A) और तर्क (R) दोनों सही है। ⟹ भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में प्रत्यभिज्ञा दर्शन की छाप है। प्रत्यभिज्ञा दर्शन में स्वीकृत 36 मूल तत्वों के प्रतीक स्वरूप नाट्यशास्त्र में 36 अध्याय हैं।