To which continent of the world do India, China and Japan belong
यदि एक तत्व के एक परमाणु के नाभिक में 11 प्रोटॉन और 12 न्यूट्रॉन होते हैं, तो तत्व की द्रव्यमान संख्या हैं।
मैं कौन-सी संख्या हूँ? मैं दो अंकों की सम संख्या हूँ। मैं 3, 4, 6 का सार्वगुणज हूँ। मेरे कुल 9 गुणनखण्ड हैं।
आमतौर पर आदेशात्मक चिह्न किस प्रकार के होते हैं?
किस नेता की 9 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण 1 मई 2025 को नई दिल्ली में किया गया?
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The ratio of the age of father and his son is 3:1. If the product of their ages is 432, then what is the sum of their ages?
Who said, "State comes into existence originating in the bare needs of life and continuing in existence for the sake of good life"? किसके अनुसार, ‘‘राज्य जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के निमित्त अस्तित्व में आता है और श्रेष्ठ जीवन के लिए अस्तित्व में बना रहता है’’?
Which of the following sources of solid waste has the highest chance of causing infections like Hepatitis B and C through skin route if not handled properly? यदि ठोस अपशिष्ट का निपटान ठीक से नहीं किया जाता तो ठोस अपशिष्ट के निम्नलिखित स्रोतों में से किससे त्वचा के माध्यम से हेपेटाइटिस- B और C जैसे संक्रमण होने की संभावना सबसे अधिक होती है?
निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 276-285) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: समुचितम्। उत्तरं चित्वा लिखत। अनादिकालात् प्रचलन्त्याम् अस्माकम् परम्परायां बहव: वैदिका: ऋषय: अभवन्। महर्षि: वसिष्ठ: महर्षि: विश्वामित्र: च वैदिक-कालीनौ ऋषी आस्ताम्। उचिते वयसि यथोचितं व्रतं पालयन्तौ तौ महान्तौ तपस्विनौ अभवताम्। योग्याद् गुरो: स्वाध्यायम् अधीयानौ तौ ज्ञानिनौ सञ्जातौ। एवं तयो: उभयो: पाश्र्वे तु ज्ञानस्य भण्डार एव आसीत्। अनयो: महर्षि: विश्वामित्र: स्वभावेन क्रोधी आसीत्। परन्तु उग्राणि तपांसि समाचरता तेन ब्रह्मर्षिषु स्थानं प्राप्तम्। प्रसिद्धं गायत्री-मन्त्रं समाजाय प्रयच्छता तेन अचिरात् प्रसिद्धि: लब्धा। जपत: जनान् अभीष्टफलं प्रददती गायत्रीलोके कामधेनुरूपेण प्रसिद्धं प्राप्तवती। मुक्तिं कामयमानौ: जनै: गायत्री-मन्त्रस्य शक्त्या भास्वत: सूर्यदेवात् सद्बुद्धि प्राथ्र्यते। महर्षि: वसिष्ठ: सततं ब्रह्म उपासीन: महतीं सिद्धि प्राप्तवान्। वसिष्ठेन मृत्युं वशीकुर्वत: महामृत्यृञ्जयमन्त्रस्य रचना कृता। एकदा सतसङ्ग तपश्चरणयो: मध्ये कतर: श्रेष्ठ: इति विषये विवाद: अभवत्। वसिष्ठ: सत्सङ्गस्य पक्षे आसीत्। विश्वामित्रस्य तु स्वतपस्यायाम् अभिमान: आसीत्। परस्परं विवादमानयो: एतयो: विवादे असमाहिते च तौ क्षीरसागरे भगवत: शेषनागस्य सविधे निर्णयार्थम् अगच्छताम्। शेषनाग: द्वयोर्मध्य सत्सङ्ग: एव श्रेयान् इत्युक्त्वा विवादस्य समाधानं कृतवान्। विवादस्य समाधाने क: श्रेयान्?
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