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Q: निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न 10 से 15 तक) के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए– विविध प्रांत हैं अपनी-अपनी भाषा के अभिमानी हम, पर इन सबसे पहले दुनियावालों हिन्दुस्तानी हम। रहन-सहन में, खान-पान में, भिन्न भले ही हों कितने, सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से, आज झुके कुछ टकराकर तो कल लगते फिर जागे से। अंडमान से कश्मीर भले ही दूर दिखाई दे कितना, पर हर प्रांत जुड़ा है अपना अगणित कोमल धागों से। जिस ओर बढ़ाए पग हमने, हो गई उधर भू नव मंगल। आजाद वतन के बाशिंदे, हर चरण हमारा है बादल।।‘‘सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से’’ कथन में ‘तूफान’ का भाव है–
  • A. कठिनाइयाँ
  • B. आक्रमण
  • C. लड़ाइयाँ
  • D. आँधियाँ
Correct Answer: Option A - दिये गये काव्यांश की पंक्ति ‘सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से’, में ‘तूफान’ का भाव ‘कठिनाइयाँ’ हैं। वे कठिनाइयाँ जो हमारी एकता में बाधक हों।
A. दिये गये काव्यांश की पंक्ति ‘सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से’, में ‘तूफान’ का भाव ‘कठिनाइयाँ’ हैं। वे कठिनाइयाँ जो हमारी एकता में बाधक हों।

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दिये गये काव्यांश की पंक्ति ‘सदियों से कुचले लाखों तूफान हमने पद तल से’, में ‘तूफान’ का भाव ‘कठिनाइयाँ’ हैं। वे कठिनाइयाँ जो हमारी एकता में बाधक हों।