Correct Answer:
Option C - भारतीय संविधान में सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 (जो 3 जनवरी, 1977 से प्रभावी हुआ) द्वारा एक नया भाग भाग-IV-( A) अंत:स्थापित किया गया। भाग-IV-( A) के 51
( A) में 10 मूल कर्त्तव्यों की व्यवस्था थी। बाद में 86वें संशोधन अधिनियम 2002 के द्वारा 11वें मूल कर्तव्य को जोड़ा गया जिसमें 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षक का कर्तव्य होगा कि वे बच्चों की शिक्षा का प्रबन्ध करें।
मूल कर्तव्य वादयोग्य नहीं हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार इन्हें विधि की वैधानिकता निर्धारित करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। यह कर्तव्य अधिदेशात्मक नहीं हैं अर्थात नागरिकों द्वारा इनके उल्लंघन पर दंड का प्रावधान नहीं है लेकिन संसद चाहे तो किसी कर्तव्य विशेष के लिये कानून बनाकर उसके पालन व उल्लंघन पर दण्ड की व्यवस्था कर सकती है।
नोट- मूल कर्तव्यों को सोवियत संघ के संविधान से लिया गया है।
C. भारतीय संविधान में सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 (जो 3 जनवरी, 1977 से प्रभावी हुआ) द्वारा एक नया भाग भाग-IV-( A) अंत:स्थापित किया गया। भाग-IV-( A) के 51
( A) में 10 मूल कर्त्तव्यों की व्यवस्था थी। बाद में 86वें संशोधन अधिनियम 2002 के द्वारा 11वें मूल कर्तव्य को जोड़ा गया जिसमें 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षक का कर्तव्य होगा कि वे बच्चों की शिक्षा का प्रबन्ध करें।
मूल कर्तव्य वादयोग्य नहीं हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार इन्हें विधि की वैधानिकता निर्धारित करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। यह कर्तव्य अधिदेशात्मक नहीं हैं अर्थात नागरिकों द्वारा इनके उल्लंघन पर दंड का प्रावधान नहीं है लेकिन संसद चाहे तो किसी कर्तव्य विशेष के लिये कानून बनाकर उसके पालन व उल्लंघन पर दण्ड की व्यवस्था कर सकती है।
नोट- मूल कर्तव्यों को सोवियत संघ के संविधान से लिया गया है।