Correct Answer:
Option C - रानी केतकी की कहानी’ के लेखक ‘इंशा अल्ला खाँ’ हैं। इसे उदयभान चरित के नाम से भी जाना जाता है। रानी केतकी की कहानी से ही खड़ी बोली गद्य साहित्य में लौकिक शृंगारमय प्रेमाख्यानक परम्परा का सूत्रपात हुआ। लल्लू लाल ने ‘प्रेमसागर’, सदल मिश्र ने ‘नासिकेतापाख्यान’ और राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिन्द’ की राजा भोज का सपना आदि रचनाएँ हैं।
C. रानी केतकी की कहानी’ के लेखक ‘इंशा अल्ला खाँ’ हैं। इसे उदयभान चरित के नाम से भी जाना जाता है। रानी केतकी की कहानी से ही खड़ी बोली गद्य साहित्य में लौकिक शृंगारमय प्रेमाख्यानक परम्परा का सूत्रपात हुआ। लल्लू लाल ने ‘प्रेमसागर’, सदल मिश्र ने ‘नासिकेतापाख्यान’ और राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिन्द’ की राजा भोज का सपना आदि रचनाएँ हैं।