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Q: अवनीन्द्र नाथ टैगोर के प्रारम्भिक कला गुरु थे─
  • A. इटालियन कलाकार गिलहार्डी
  • B. मदुरै का चित्रकार अलाग्री नायडू
  • C. थियोडोर जेन्सन
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - अवनीन्द्रनाथ ने अपने प्रारम्भिक वर्षों में यूरोपियन शैली के तैलचित्र बनाने का अभ्यास किया था और उन्होंने अपने युवाकाल में इटैलियन चित्रकार गिलहार्डी से विधिवत तैल चित्रण की शिक्षा ग्रहण की थी। कालान्तर में उन्होंने हैवेल के सहयोग से समझा कि स्वदेशी परम्परा के आधार पर ही कला जागरण को अग्रसर करना उचित होगा और भविष्य में इस जागृति के अनेक कला-आदर्श स्थापित होने की संभावना है।
C. अवनीन्द्रनाथ ने अपने प्रारम्भिक वर्षों में यूरोपियन शैली के तैलचित्र बनाने का अभ्यास किया था और उन्होंने अपने युवाकाल में इटैलियन चित्रकार गिलहार्डी से विधिवत तैल चित्रण की शिक्षा ग्रहण की थी। कालान्तर में उन्होंने हैवेल के सहयोग से समझा कि स्वदेशी परम्परा के आधार पर ही कला जागरण को अग्रसर करना उचित होगा और भविष्य में इस जागृति के अनेक कला-आदर्श स्थापित होने की संभावना है।

Explanations:

अवनीन्द्रनाथ ने अपने प्रारम्भिक वर्षों में यूरोपियन शैली के तैलचित्र बनाने का अभ्यास किया था और उन्होंने अपने युवाकाल में इटैलियन चित्रकार गिलहार्डी से विधिवत तैल चित्रण की शिक्षा ग्रहण की थी। कालान्तर में उन्होंने हैवेल के सहयोग से समझा कि स्वदेशी परम्परा के आधार पर ही कला जागरण को अग्रसर करना उचित होगा और भविष्य में इस जागृति के अनेक कला-आदर्श स्थापित होने की संभावना है।