Correct Answer:
Option A - ‘हरेऽव’ इत्यत्र सन्धिकारकं सूत्रम् एङ: पदान्तादति अस्ति। ‘हरेऽव सन्धि में ‘एङ: पदान्तादति’ सूत्र है। एङ: पदान्तादति - पद के अन्तिम ए या ओ के बाद अ हो उसको पूर्वरूप (अर्थात् ए या ओ जैसा रूप) हो जाता है। अ का लोप हो जाता है उसके स्थान पर ऽ (अवग्रह चिह्न) लगा दिया जाता है।
हरेऽव
हरे + अव
हरेऽव (यहाँ अ के स्थान पर ही ऽ (अवग्रह) लगाया गया है)।
A. ‘हरेऽव’ इत्यत्र सन्धिकारकं सूत्रम् एङ: पदान्तादति अस्ति। ‘हरेऽव सन्धि में ‘एङ: पदान्तादति’ सूत्र है। एङ: पदान्तादति - पद के अन्तिम ए या ओ के बाद अ हो उसको पूर्वरूप (अर्थात् ए या ओ जैसा रूप) हो जाता है। अ का लोप हो जाता है उसके स्थान पर ऽ (अवग्रह चिह्न) लगा दिया जाता है।
हरेऽव
हरे + अव
हरेऽव (यहाँ अ के स्थान पर ही ऽ (अवग्रह) लगाया गया है)।