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Q: मध्य प्रदेश के निम्नलिखित में से किस जिले में मृदा अपरदन (मिट्टी का कटाव) की समस्या है?
  • A. जबलपुर
  • B. भोपाल
  • C. मुरैना
  • D. खंडवा
Correct Answer: Option C - मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मृदा अपरदन (मिट्टी का कटाव) की समस्या सर्वाधिक है। मध्य प्रदेश भारत के दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार के उस क्षेत्र में पड़ता है जहाँ मुख्य रूप से अवशिष्ट मिट्टी पाई जाती है। चूँकि इस क्षेत्र की मिट्टी की प्रकृति का निर्धारण यहाँ की प्राचीन चट्टानों से हुआ है। अत: इस मिट्टी में जैव पदार्थ अधिकता में पाए जाते हैं। मध्य प्रदेश में भूमि का अपरदन मुख्य रूप से चम्बल की घाटी में हुआ है। चम्बल तथा उसकी सहायक नदियों ने इस क्षेत्र में अपने दोनों किनारों पर एक चौड़ी पेटी में 6 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को गहरे खड्डों में परिवर्तित कर दिया है, जहाँ अपरदन अभी भी जारी है।
C. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मृदा अपरदन (मिट्टी का कटाव) की समस्या सर्वाधिक है। मध्य प्रदेश भारत के दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार के उस क्षेत्र में पड़ता है जहाँ मुख्य रूप से अवशिष्ट मिट्टी पाई जाती है। चूँकि इस क्षेत्र की मिट्टी की प्रकृति का निर्धारण यहाँ की प्राचीन चट्टानों से हुआ है। अत: इस मिट्टी में जैव पदार्थ अधिकता में पाए जाते हैं। मध्य प्रदेश में भूमि का अपरदन मुख्य रूप से चम्बल की घाटी में हुआ है। चम्बल तथा उसकी सहायक नदियों ने इस क्षेत्र में अपने दोनों किनारों पर एक चौड़ी पेटी में 6 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को गहरे खड्डों में परिवर्तित कर दिया है, जहाँ अपरदन अभी भी जारी है।

Explanations:

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मृदा अपरदन (मिट्टी का कटाव) की समस्या सर्वाधिक है। मध्य प्रदेश भारत के दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार के उस क्षेत्र में पड़ता है जहाँ मुख्य रूप से अवशिष्ट मिट्टी पाई जाती है। चूँकि इस क्षेत्र की मिट्टी की प्रकृति का निर्धारण यहाँ की प्राचीन चट्टानों से हुआ है। अत: इस मिट्टी में जैव पदार्थ अधिकता में पाए जाते हैं। मध्य प्रदेश में भूमि का अपरदन मुख्य रूप से चम्बल की घाटी में हुआ है। चम्बल तथा उसकी सहायक नदियों ने इस क्षेत्र में अपने दोनों किनारों पर एक चौड़ी पेटी में 6 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को गहरे खड्डों में परिवर्तित कर दिया है, जहाँ अपरदन अभी भी जारी है।