The first Education Minister of Independent India was ––––––.
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सामाजिक विज्ञान की एक शिक्षिका ‘मौसम’ विषय पर अपने विद्यार्थियों को प्रमाण आधारित जाँच में संलग्न करना चाहती है। निम्न में से कौन सा कार्य उनकी पाठ योजना में शामिल होगा? (A) विद्यार्थियों को स्थानीय समाचार पत्र से दस दिन की मौसम रिपोर्ट लिखने का सुझाव देना। (B) कक्षा में जलवायु परिवर्तन पर वृत्त चित्र देखने के दौरान विद्यार्थियों को मुख्य बिन्दुओं को लिखने को कहना। (C) बच्चों को मौसम पर गाने एकत्रित करने को कहना। उपयुक्त विकल्प का चुनाव कीजिए:
Who is credited with inventing Flat Footed Rails, which have become popular for railway tracks worldwide? चपटी पाद वाली रेल का आविष्कार करने का श्रेय किसे दिया जाता है, जो दुनियाभर में रेलवे पटरियों के लिए लोकप्रिय हो गयी है?
When electron and positron come to each other then as result of pair annihilation two 𝛄 photons are produced. The frequency of each photon is जब इलेक्ट्रॉन व पाजिट्रॉन एक दूसरे के करीब आते हैं, तो युग्म-विनाश के परिणामस्वरूप दो 𝛄 फोटॉन उत्पन्न होते हैं। प्रत्येक फोटॉन की आवृत्ति है
Which among the following wireless standard is used in 4G network technology?
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। (1-8) इस बार मौसम विज्ञानियों ने घोषणा की हुई है कि अल नीनो प्रभाव के कारण मानसून कमजोर रह सकता है। चैत के महीने में बारिश होने के हालात पर घाघ ने भी यही कहा है। चैत यानी मार्च-अप्रैल के दिनों में अगर बारिश होती है तो सावन सूखा जा सकता है। बात सिर्फ इस बार के मानसून की नहीं है। अमेरिका में हाल ही में ताजे पानी के हालात पर हुए एक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुतेरेज ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2050 तक पानी का सबसे बड़ा संकट भारत में आने वाला है। भारत पर संकट इसलिए है क्योंकि गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियों का पानी धीरे-धीरे कम होता जाएगा। सिर्फ गंगा की बात करें तो 2500 किलोमीटर लंबी यह नदी उत्तराखंड से बंगाल के बीच कई राज्यों से गुजरती है। इसके किनारों पर बसे महानगरों, कस्बों और गाँवों की करीब चालीस करोड़ की आबादी की पानी से जुड़ी जरूरतों को यह पूरा करती है। इसके पानी का स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर है। पर्यावरण विज्ञानियों का दावा है कि पिछले 87 साल में तीन किलोमीटर लंबे इस ग्लेशियर का पौने दो किलोमीटर हिस्सा पिघलकर गायब हो चुका है। अभी जलवायु परिवर्तन का जो हाल है, वह पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है। भारत के हिस्से वाले हिमालय में 9775 ग्लेशियर बताए जाते हैं। इनमें अकेले उत्तराखण्ड में 968 हैं। अब अगर इनके पिघलने की रफ्तार तेज होती जाती है तो क्या होगा? ‘पर्यावरण’ में उपसर्ग और मूल शब्द हैं :
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