Explanations:
सन् 1833 में उत्तर प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्र को बंगाल प्रेसीडेन्सी से अलग करके आगरा प्रेसीडेंसी के अधीन कर दिया गया और यहाँ एक अलग गवर्नर की नियुक्ति की गयी थी। उत्तर प्रदेश का क्षेत्र कई वर्षों तक बंगाल प्रेसीडेंसी के अधीन रहा जहाँ गवर्नर जनरल का शासन था।