search
Q: Mangal Pandey was the sepoy of which Regiment? मंगल पाण्डेय किस रेजीमेन्ट का सिपाही था?
  • A. 19th Native Infantry / 19वीं नेटिव इंफ्रेंट्री
  • B. 25th Native Infantry / 25वीं नेटिव इंफ्रेंट्री
  • C. 34th Native Infantry / 34वीं नेटिव इंफ्रेंट्री
  • D. 49th Native Infantry / 49वीं नेटिव इंफ्रेंट्री
Correct Answer: Option C - 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण था, 1856 ई. में सरकार द्वारा पुरानी लोहे वाली ब्राउन बैस बन्दूक के स्थान पर न्यू इन्फील्ड रायफल का प्रयोग। इस रायफल में कारतूस के ऊपरी भाग को मुँह से काटना पड़ता था। जनवरी 1857 ई० में बंगाल सेना में अफवाह फैल गई कि कारतूस में गाय और सुअर कि चर्बी लगी है। 29 मार्च 1857 ई० को 34वीं रेजीमेण्ट बैरकपुर (मुर्शिदाबाद के निकट) के मंगल पाण्डे ने अपने साथियों के साथ मिल कर विद्रोह कर दिया तथा इसने एडजुटेण्ट लेफ्टिनेंट बाग की हत्या कर दी और मेजर सार्जेण्ट ह्यूरसन को गोली मारी। मंगल पाण्डे को 8 अप्रैल को फांसी पर लटका दिया गया।
C. 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण था, 1856 ई. में सरकार द्वारा पुरानी लोहे वाली ब्राउन बैस बन्दूक के स्थान पर न्यू इन्फील्ड रायफल का प्रयोग। इस रायफल में कारतूस के ऊपरी भाग को मुँह से काटना पड़ता था। जनवरी 1857 ई० में बंगाल सेना में अफवाह फैल गई कि कारतूस में गाय और सुअर कि चर्बी लगी है। 29 मार्च 1857 ई० को 34वीं रेजीमेण्ट बैरकपुर (मुर्शिदाबाद के निकट) के मंगल पाण्डे ने अपने साथियों के साथ मिल कर विद्रोह कर दिया तथा इसने एडजुटेण्ट लेफ्टिनेंट बाग की हत्या कर दी और मेजर सार्जेण्ट ह्यूरसन को गोली मारी। मंगल पाण्डे को 8 अप्रैल को फांसी पर लटका दिया गया।

Explanations:

1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण था, 1856 ई. में सरकार द्वारा पुरानी लोहे वाली ब्राउन बैस बन्दूक के स्थान पर न्यू इन्फील्ड रायफल का प्रयोग। इस रायफल में कारतूस के ऊपरी भाग को मुँह से काटना पड़ता था। जनवरी 1857 ई० में बंगाल सेना में अफवाह फैल गई कि कारतूस में गाय और सुअर कि चर्बी लगी है। 29 मार्च 1857 ई० को 34वीं रेजीमेण्ट बैरकपुर (मुर्शिदाबाद के निकट) के मंगल पाण्डे ने अपने साथियों के साथ मिल कर विद्रोह कर दिया तथा इसने एडजुटेण्ट लेफ्टिनेंट बाग की हत्या कर दी और मेजर सार्जेण्ट ह्यूरसन को गोली मारी। मंगल पाण्डे को 8 अप्रैल को फांसी पर लटका दिया गया।