Correct Answer:
Option A - संविधान में न्यायाधीशों के कार्यकाल का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। अत: न्यायाधीश सेवानिवृत्ति तक पद पर बने रह सकते हैं। हालॉकि उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के कार्यकाल के सम्बन्ध में संविधान में उपबन्ध किये गए जिसके तहत उनके कार्यकाल के निर्धारण की राह स्पष्ट होती है।
संबंधित उपबन्ध:-
1. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश अपने पद पर 65 वर्ष की आयु तक बना रह सकता है।
2. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश अपने पद पर 62 वर्ष की आयु तक बना रह सकता है।
3. वह राष्ट्रपति को लिखित त्याग पत्र दे सकता है।
4. संसद की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा उसे हटाया जा सकता है।
A. संविधान में न्यायाधीशों के कार्यकाल का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। अत: न्यायाधीश सेवानिवृत्ति तक पद पर बने रह सकते हैं। हालॉकि उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के कार्यकाल के सम्बन्ध में संविधान में उपबन्ध किये गए जिसके तहत उनके कार्यकाल के निर्धारण की राह स्पष्ट होती है।
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1. उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश अपने पद पर 65 वर्ष की आयु तक बना रह सकता है।
2. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश अपने पद पर 62 वर्ष की आयु तक बना रह सकता है।
3. वह राष्ट्रपति को लिखित त्याग पत्र दे सकता है।
4. संसद की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा उसे हटाया जा सकता है।