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Q: Consider the following statements regarding insolvency and bankruptcy : दिवाला और शोधन अक्षमता के सम्बन्ध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. Bankruptcy refers to a financial state in which an individual or entity is unable to pay off their debts as they become due. शोधन अक्षमता से तात्पर्य उस वित्तीय स्थिति से है, जिसमें कोई व्यक्ति या संस्था बकाया होने पर अपने ऋणों का भुगतान करने में असमर्थ होता है। 2. Insolvency refers to a legal process, where the assets of the debtor are liquidated or reorganized for the benefit of creditors. दिवाला एक कानूनी प्रक्रिया को सन्दर्भित करता है, जहाँ देनदार की सम्पत्ति लेनदारों के लाभ के लिए समाप्त या पुनर्गठित की जाती है। 3. Bankruptcy is a state whereas insolvency is them conclusion./शोधन अक्षमता एक अवस्था है, जबकि दिवाला निष्कर्ष है। 4. The Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) is the regulatory body responsible for overseeing insolvency and bankruptcy proceedings. भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आइ.बी.बी.आइ.) दिवाला और शोधन अक्षमता कार्यवाही की देखदेख के लिए जिम्मेदार नियामक निकाय है। Which of the above statements is/are correct? उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
  • A. 1, 2 and 3/1, 2 और 3
  • B. 2, 3 and 4/2, 3 और 4
  • C. Only 4/केवल 4
  • D. Only 1 and 2/केवल 1 और 2
Correct Answer: Option C - • दिवालियापन (Bankruptcy) अथवा शोधन अक्षमता से तात्पर्य उस वित्त से है जिसमें कोई व्यक्ति या संस्था बकाया होने पर अपने ऋणों का भुगतान करने में असमर्थ होता है। जिसके लिए सक्षम न्यायालय द्वारा इसे हल करने और लेनदारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए उस व्यक्ति या संस्था को दिवालिया घोषित कर दिया जाता है। यह ऋणों का भुगतान करने में असमर्थता की कानूनी घोषणा होती है। • दिवालियापन एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जो लोग या संस्थाएं लेनदारों को ऋण नहीं चुका सकते वे अपने कुछ या सभी ऋणों से राहत मांग सकते है। • दिवाला (Insolvency) से तात्पर्य संकट की वित्तीय स्थिति से है जिसमें ऋण भुगतान व वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए नकदी की कमी होती है। • दिवाला (Insolvency) एक अवस्था है, जबकि दिवालियापन (Bankruptcy) एक निष्कर्ष है। • भारतीय दिवाला और शोध अक्षमता बोर्ड (IBBI) दिवाला और शोध अक्षमता कार्यवाही की देखरेख के लिए जिम्मेदार नियामक निकाय है।
C. • दिवालियापन (Bankruptcy) अथवा शोधन अक्षमता से तात्पर्य उस वित्त से है जिसमें कोई व्यक्ति या संस्था बकाया होने पर अपने ऋणों का भुगतान करने में असमर्थ होता है। जिसके लिए सक्षम न्यायालय द्वारा इसे हल करने और लेनदारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए उस व्यक्ति या संस्था को दिवालिया घोषित कर दिया जाता है। यह ऋणों का भुगतान करने में असमर्थता की कानूनी घोषणा होती है। • दिवालियापन एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जो लोग या संस्थाएं लेनदारों को ऋण नहीं चुका सकते वे अपने कुछ या सभी ऋणों से राहत मांग सकते है। • दिवाला (Insolvency) से तात्पर्य संकट की वित्तीय स्थिति से है जिसमें ऋण भुगतान व वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए नकदी की कमी होती है। • दिवाला (Insolvency) एक अवस्था है, जबकि दिवालियापन (Bankruptcy) एक निष्कर्ष है। • भारतीय दिवाला और शोध अक्षमता बोर्ड (IBBI) दिवाला और शोध अक्षमता कार्यवाही की देखरेख के लिए जिम्मेदार नियामक निकाय है।

Explanations:

• दिवालियापन (Bankruptcy) अथवा शोधन अक्षमता से तात्पर्य उस वित्त से है जिसमें कोई व्यक्ति या संस्था बकाया होने पर अपने ऋणों का भुगतान करने में असमर्थ होता है। जिसके लिए सक्षम न्यायालय द्वारा इसे हल करने और लेनदारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए उस व्यक्ति या संस्था को दिवालिया घोषित कर दिया जाता है। यह ऋणों का भुगतान करने में असमर्थता की कानूनी घोषणा होती है। • दिवालियापन एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जो लोग या संस्थाएं लेनदारों को ऋण नहीं चुका सकते वे अपने कुछ या सभी ऋणों से राहत मांग सकते है। • दिवाला (Insolvency) से तात्पर्य संकट की वित्तीय स्थिति से है जिसमें ऋण भुगतान व वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए नकदी की कमी होती है। • दिवाला (Insolvency) एक अवस्था है, जबकि दिवालियापन (Bankruptcy) एक निष्कर्ष है। • भारतीय दिवाला और शोध अक्षमता बोर्ड (IBBI) दिवाला और शोध अक्षमता कार्यवाही की देखरेख के लिए जिम्मेदार नियामक निकाय है।