Correct Answer:
Option A - जोर्वे संस्कृति ताम्रपाषाण कालीन संस्कृति है। एम. एन. देश पाण्डे ने इस संस्कृति की खोज की थी। ‘जोर्वे’ महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले में गोदावरी नदी की सहायक नदी ‘प्रवरा’ के तट पर स्थित एक गाँव एवं पुरातात्विक स्थल है जहाँ पर जोर्वे संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं। जोर्वे संस्कृति प्रमुख रुप से पश्चिमी महाराष्ट्र में विकसित हुई। जोर्वे संस्कृति के प्रमुख स्थल हैं- चन्दोली, सोनगाँव, इमामगाँव, जोर्वे, नासिक तथा दायमाबाद आदि। जोर्वे संस्कृति का समय काल 1400 ई.पू. से 700 ई.पू. तक माना जाता है।
A. जोर्वे संस्कृति ताम्रपाषाण कालीन संस्कृति है। एम. एन. देश पाण्डे ने इस संस्कृति की खोज की थी। ‘जोर्वे’ महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले में गोदावरी नदी की सहायक नदी ‘प्रवरा’ के तट पर स्थित एक गाँव एवं पुरातात्विक स्थल है जहाँ पर जोर्वे संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं। जोर्वे संस्कृति प्रमुख रुप से पश्चिमी महाराष्ट्र में विकसित हुई। जोर्वे संस्कृति के प्रमुख स्थल हैं- चन्दोली, सोनगाँव, इमामगाँव, जोर्वे, नासिक तथा दायमाबाद आदि। जोर्वे संस्कृति का समय काल 1400 ई.पू. से 700 ई.पू. तक माना जाता है।